परमेश्वर सिय्योन में निवास करते हैं जहां तीन बार में सात पर्व
मनाए जाते हैं, और वह उन्हें जो सिय्योन में परमेश्वर की आज्ञाएं
—पर्वों को मनाते हैं, अनन्त खुशी और उद्धार देते हैं।
यदि कोई मनुष्य के नियमों को मानता है,
तो उसकी बुद्धि और प्रवीणता नष्ट होगी
और वह परमेश्वर की आज्ञाओं को तुच्छ मानेगा
और उद्धार पाने में नाकाम होगा।