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विपदाओं के स्थान और आशीषों के स्थान
परमेश्वर की नई वाचा, जिसका पालन करने पर आशीषें प्राप्त होती हैं, चर्च ऑफ गॉड में पाई जाती है।
इस्राएलियों के निर्गमन के समय, पूरे मिस्र पर तो विपत्तियां आईं, पर इस्राएलियों पर कोई विपत्ति नहीं आई। यही परमेश्वर की वाचा वाले और बिना वाचा वाले स्थान के बीच का अंतर था। परमेश्वर ने यह महान प्रतिज्ञा दी है कि जहां कहीं भी उनकी आज्ञा—नई वाचा का फसह—का पालन किया जाएगा, वहां उनके लोग अंदर आते और बाहर जाते हुए आशीष पाएंगे, और वे उन्हें पृथ्वी की सब जातियों में श्रेष्ठ करेंगे।
नई वाचा: परमेश्वर की प्रतिज्ञा जो परमेश्वर और मानवजाति को माता-पिता और संतान के रूप में बांधती है।
भविष्यवक्ता यशायाह, सपन्याह और पतरस गवाही देते हैं कि इस पृथ्वी पर आग की एक बड़ी आपदा आएगी, क्योंकि संसार परमेश्वर के सब्त के दिन और फसह सहित नई वाचा का पालन नहीं करता। बाइबल गवाही देती है कि केवल परमेश्वर की वाचा का पालन करके ही मानवजाति पिता मसीह आन सांग-होंग और माता परमेश्वर की संतान बन सकती है और सभी आपदाओं से परमेश्वर की सुरक्षा पा सकती है।
“यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की सब आज्ञाएँ, जो मैं आज तुझे सुनाता हूँ, चौकसी से पूरी करने को चित्त लगाकर उसकी सुने, तो वह तुझे पृथ्वी की सब जातियों में श्रेष्ठ करेगा।
फिर अपने परमेश्वर यहोवा की सुनने के कारण ये सब आशीर्वाद तुझ पर पूरे होंगे।
. . . धन्य हो तू भीतर आते समय, और धन्य हो तू बाहर जाते समय।
व्यवस्थाविवरण 28:1–6
“जब तू इन लोगों से ये सब बातें कहे, और वे तुझ से पूछें, ‘यहोवा ने हमारे ऊपर यह सारी बड़ी विपत्ति डालने के लिये क्यों कहा है? हमारा अधर्म क्या है और हम ने अपने परमेश्वर यहोवा के विरुद्ध कौन सा पाप किया है?’
तो तू इन लोगों से कहना, ‘यहोवा की यह वाणी है : क्योंकि तुम्हारे पुरखा ... मुझ को त्याग दिया और मेरी व्यवस्था का पालन नहीं किया,”
यिर्मयाह 16:10–11
दृश्य संख्या815
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